करू कुछ भी, मगर अच्छा नहीं लगता,
आजकल मै तुम्हे, सच्चा नहीं लगता।
क्यू बहाने करते हो, पास रहने के,
दूरियां तो साथ रहकर है, ये फरेब अच्छा नहीं लगता ।
कीसिकी अमानत मै खुद संभाल रहा हूं,
मुझमें कुछ तो कमी होंगी, ये सोच अच्छा नहीं लगता।
पराया कर दिया, अपनों ने अपना कह कर,
बेगानो के बीच अब रहना, अच्छा नहीं लगता।
